Tuesday, May 11, 2021

सफलता नही मिलने तक शादी न करने का प्रण लिया, तीसरे प्रयास में UPSC निकाल IAS अधिकारी बन गई

प्राचीन काल से ही लड़कियों और औरतों ने अपने आप को हर कार्य के लिए साबित कर के दिखाया है। तब भी लोग औरतों को कमजोर और लाचार समझते हैं। आज-कल तो बाल विवाह में बहुत हद तक कमी आई हैं। पर जब भी वह पढ़-लिखकर कुछ करने को सोचती उनके माता-पिता उनकी शादी कर देते हैं और ना चाहते हुए भी उसे उनका फैसला स्वीकार करना पड़ता हैं। आज के आधुनिक युग में भी लड़कियों के साथ ऐसा होता हैं जो नही होना चाहिए।लेकिन कुछ लड़कियां ऐसी भी हैं,जो बाकी लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बन रही है और समाज में अपना नाम रौशन कर रही है।

आज हम आपको एक ऐसी ही बिहार की रहने वाली अभिलाषा की कहानी बताने जा रहे है,जिन्होंने यह प्रतिज्ञा ली थी कि वह यूपीएससी (UPSC) पास कर आईएएस (IAS) बनेंगी और तबतक शादी नहीं करेंगी जबतक वह अपना लक्ष्य प्राप्त ना कर ले और अभिलाषा ने यह कर दिखाया। पर इसके लिए उन्हें कई परेशानियों से गुजरना पड़ा।

बिहार राज्य की रहने वाली एक छात्रा, जिसका नाम अभिलाषा (Abhilasha) है। उन्होनें अपने जीवन में बहुत सारे कठिनाइयों का सामना किया है। जब भी लड़कियां आगे बढ़ने को सोचती है, तभी उनके माता-पिता उनकी शादी करने का फैसला कर लेते हैं और उन्हें अपने सपनों को त्यागना पड़ता हैं। अभिलाषा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ,पर अभिलाषा ने अपने सपनों को चुना और अपने माता-पिता को जल्दी शादी ना करने के लिए मनाया। उसके बाद अभिलाषा ने अपने आप को यह वचन दिया की जब तक वह आईएएस (IAS) नहीं बनेगी तब तक वह शादी नहीं करेगी। अभिलाषा अपनी मेहनत से इंजीनियर बनी। इसके बाद वह यूपीएससी (UPSC) पास कर आईएएस (IAS) बनी।

इंटरव्यू के दौरान की गई बातें

अभिलाषा अपनी एक इन्टरव्यू के दौरान बताया कि किस तरह शादी ना करने का फैसला लिया और अपने माता – पिता को जल्दी शादी ना करने के लिए मनाया। उन्होंने अपने आप को हर तरह से साबित करके दिखाया कि वह आगे बढ़ सकती हैं। अभिलाषा ने अपनी मेहनत से यह साबित किया कि उनके माता-पिता का शादी करने का निर्णय गलत था।

अभिलाषा ने अपनी पढ़ाई पटना से प्राप्त की। बचपन से ही वह पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज थी। अभिलाषा ने अपनी 10वीं की पढ़ाई सीबीएसई से पूरी की और अपना नाम टॉप लिस्ट में भी दर्ज कराई। इसके बाद 12वीं में उन्होंने लगभग 84% अंक लाया। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह इंजीनियरिंग की तैयारी शुरु की और B.Tech (बीटेक) की पढ़ाई ए. एस. पाटील कॉलेज महाराष्ट्र से पुरी की।

अभिलाषा केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि खेल-कूद में भी बहुत अच्छी थी। बीटेक करने के बाद वह नौकरी करने लगी । उनका कहना है कि हम सभी को समय का सदुपयोग करना चाहिए, क्योंकि जिनके पास समय का सही उपयोग नहीं होता है, वह इंसान अपने सपनों को कभी पूरा नहीं कर सकता।

साल 2014 में अभिलाषा ने यूपीएससी (UPSC) में पहला परीक्षा दिया, लेकिन उस समय उनका प्री नहीं हुआ। फिर भी वह हार नहीं मानी और फिर से तैयारियों में लग गई। इस बार इन्होंने एग्जाम (EXAM) नहीं दिया। दूसरी प्रयास में आखिकार इन्हें सफलता मिली और 308 रैंक हासिल की। इसके बाद वह आईआरएस बनी। पर इस कार्य से वह संतुष्ट नहीं थी, इस कारण उन्होंने फिर से तैयारी कर 18वीं
अंक प्राप्त कर अपने सपनों को पूरा किया।

अभिलाषा उन लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है, जिन्हें अपने परिवार के दबाव में आकर शादी करनी पड़ती हैं और अपने सपनों को त्यागना पड़ता हैं।

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