Friday, July 30, 2021

हिंदी माध्यम के विकास ने UPSC परीक्षा निकाल बनें IAS ऑफिसर। पढ़ें इनकी सफलता की कहानी

यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा हमारे देश के कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर वर्ष लाखों लोग इस परीक्षा को देते हैं परंतु उनमें से सफल कुछ हीं हो पाते हैं। आज हम यूपीएससी की परीक्षा में सफल हो चुके व्यक्ति की बात करेंगे जिन्होंने अपने दूसरे हीं प्रयास में IAS ऑफिसर बने।

विकास मीना (Vikash Meena)

विकास मीना राजस्थान (Rajasthan)के एक छोटे से गांव महवा के रहने वाले हैं। विकास की शुरुआती पढ़ाई उनके गाँव से हीं हुई। हमेशा से विकास के पिता अपने दोनों बेटो को सिविल सेवा के क्षेत्र में हीं भेजना चाहते थे। विकास शुरू से हीं पढाई में होशियार थे। वे स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद ग्रेजुएशन करने के लिए जयपुर चले गए। उसके बाद वे तथा उनके भाई यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चले गए।

Vikas Meena

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विकास को मिली सफलता

विकास का साल 2017 में चयन हुआ तो उनके पिता के सपने को मंजिल मिली। विकास ने दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में प्री परीक्षा से संबंधित कुछ डूज और डोंट्स शेयर किए। विकास कहते हैं कि जब वो यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे उस समय हिंदी माध्यम वालों का यूपीएससी में प्रदर्शन बहुत खराब जा रहा था, परंतु वह इसपे ज्यादा ध्यान ना देते हुए तैयारी में जुट गए।

विकास ने हमेशा पॉजिटिव रहने की कोशिश की

विकास कहते हैं कि वह दिल्ली में जहां रहते थे वहाँ उनके जैसे लाखों लोग रहते थे। कुछ तो इतने काबिल और समझदार थे कि विकास को लगता था कि उनके बीच तो वह कहीं स्टैंड ही नहीं कर पाएंगे। उन्होंने हर निगेटिव बात से बचकर हमेशा पॉजिटिव सोच रखने की कोशिश की।

विकास ने दी प्री परीक्षा की जानकारी

विकास प्री परीक्षा के बारे में कहते हैं कि कुछ ऐसे भी स्टूडेंट्स हैं जो पहले से हीं इतना पढ़ लेते हैं कि परीक्षा के कुछ दिन पहले उन्हें ऐसा लगने लगता हैं कि उन्हे तो कुछ आता ही नहीं और वह खुद को एकदम ब्लैंक महसूस करने लगते हैं। इससे उनका सब पढ़ा हुआ बेकार हो जाता है और वह परीक्षा में बिलकुल अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाता है। इस परीक्षा के लिए कांफिडेंस होना बहुत जरूरी है। विकास कहते हैं कि पेपर के एक दिन पहले ठीक से नींद पूरा कर लें ताकि हॉल में फ्रेश माइंड के साथ पहुंच पाएं।

खुद से पेपर में अंदाजा ना लगाए

विकास कहते हैं हमे कभी भी पेपर के बारे में खुद से अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। हो सकता है कि आपके सोंचने के विपरीत प्रश्न आए तो फिर आपको बहुत दिक्कत होगी इसलिए स्थिति को देखते हुए रिएक्ट करें। उसके बाद विकास बताते हैं कि आपको प्रैक्टिस टेस्ट्स देना चाहिए ताकि आप एक्योरेसी रेट जान सकें। पहले से कोई भी योजना बनाकर न जाएं और पेपर के डिफिकल्टी लेवल को देखकर तुरंत अपनी स्ट्रेटजी तय करें।

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हर प्रश्न हैं आवश्यक

विकास कहते हैं कि परीक्षा में आने वाले हर प्रश्न करना आवश्यक हैं। पहले वो प्रश्न करें जो आपको आता हो उसके बाद वह प्रश्न करे जिसमें थोड़ा कंफ्यूजन हो उसके बाद वह प्रश्न करे जो आपको बिल्कुल ही ना आता हो। समय को समझदारी से प्रयोग करें। इसी प्रकार ओएमआर शीट भरते समय सावधानी रखें। समय पर ओएमआर शीट भरना शुरू कर दें।

छोटी-छोटी बातों का पूरा ख्याल रखे

छोटी-छोटी बातों का पूरा ख्याल रखें जैसे एग्जाम हॉल में अपने साथ एडमिट कार्ड, आईडी, ब्लैक प्वॉइंट पेन आदि ले जाना न भूलें। पहले हीं जाकर केंद्र देख आएं ताकि उस दिन समय व्यथित ना हों। विकास कहते हैं कि खुद पर कांफिडेंस बनाएं रखें और खुद को किसी से कम ना समझें। अगर हम प्रयास करेंगे तो हमें सफलता अवश्य मिलेंगी।

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