Tuesday, May 11, 2021

दुकानों से कपड़ों की कटपीस इकठ्ठा कर 87 वर्षीय जोशी अंकल थैला सिलते हैं और उसे 40-60 रुपये में बेचते हैं

आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है। ये वायरस पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। इस वायरस से बच्चे और बुजुर्ग सभी परेशान हैं। लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है क्योंकि लॉकडाउन के कारण सभी कार्य बाधित हुआ। ऐसे में लोगों की दूसरे पर निर्भर रहना बहुत मुश्किल था। ऐसे में लोगों को आत्मनिर्भर बनना बहुत जरूरी है। कोरोना काल में एक बुजुर्ग व्यक्ति जोशी अंकल ने आत्मनिर्भर बनकर खुद जीवन-यापन का जरिया तलाशा है और लोगों के लिए भी खुद आत्मनिर्भर बनने की एक प्रेरणा का संचार कर रहे हैं।

जोशी अंकल मुंबई के रहने वाले हैं। वे 87 वर्ष के हैं। जोशी अंकल ने लोगों को बता दिया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता। उन्होंने मुंबई के दुकानों से बची कपड़े की कतरन खरीदते हैं और खुद से उस कपड़े के कतरन को रिसायकल्ड कर बैग्स बनाते हैं। खुद की बनाए हुए बैग्स को वे मुंबई के डोमबीवली में करीब 40 से 80 रुपए में बेचते हैं।

अंकल जोशी के इस काम को देखकर लोगों ने उनकी काफी प्रशंसा की और उनको मदद करने के लिए काफी लोग आगे आए। यही नहीं लोगों ने जोशी अंकल के इस काम को देखकर उनके काम को सोशल मीडिया पर डाला। लोगों ने जोशी अंकल के इस काम को देखकर उनकी मदद की। यही नहीं बॉलीवुड की कई सेलिब्रिटीज ने इनकी इस काम को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उस पोस्ट में बताया गया कि जब भी कोई मुंबई आएं तो जोशी अंकल के बैग को एक बार जरूर खरीदें।

जोशी अंकल आजकल के लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं। उन्होंने लोगों को यह दिखा दिया कि आप भी आत्मनिर्भर बनो। जोशी अंकल के इस काम से पता चलता है कि अगर जोशी अंकल जैसे जो 87 वर्ष के हैं, उन्होंने खुद से काम कर के अपने आगे के जिंदगी के बारे में सोचा और खुद को आत्मनिर्भर बनाया तो हम क्यों नहीं आत्मनिर्भर बन सकते।

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