Saturday, September 25, 2021

17.2 KG की एक गोभी, लाहौल स्पीति के किसान ने इस तरह उगाया अनोखा फसल: खेती बाड़ी

हमारे देश में कृषि का महत्व बहुत ज्यादा है। भारत में अधिकतर लोग कृषि पर आधारित हैं। लेकिन आजकल कृषि से संबंधित कई नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं जिससे बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। युवक और बुजुर्ग भी इस नए-नए प्रयोग के प्रति काफी आकर्षित हो रहे हैं। नए-नए प्रयोग होने के कारण काफी लोग कृषि से जुड़ रहे हैं।

कई लोग नए प्रयोग के साथ-साथ इस चीज का भी ध्यान रखते हैं कि वह रसायन मुक्त हो वह जैविक खादों से अपनी खेती करें। जिससे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहे, हमारे खेतों की उर्वरा शक्ति भी बनी रहे और खेतों में पैदावार भी अच्छी हो सके। ऐसे हीं एक व्यक्ति हैं सुनील कुमार जो अपने नए प्रयोग और जैविक खादों से 17.2 किलोग्राम की गोभी उगाकर अपने देश को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया हैं।

सुनील कुमार हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के रलिंग गांव के रहने वाले हैं। सुनील कुमार ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। इनका परिवार शुरू से ही जैविक खादों से खेती करते आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में ज्यादा मात्रा में आलू और मटर की पैदावार होती है। ये पैदावार पूरी दुनिया में काफी प्रसिद्ध है। यहां नगदी फसलों का उत्पादन काफी मात्रा में होता है और इन्हीं फसलों की वजह से यहां की अर्थव्यवस्था चलती है। लाहौल में सेब का उत्पादन भी काफी होता है।

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सुनील कुमार ने अपने प्रयोग से और जैविक खादों से अपने खेत में 17.2 किलोग्राम का गोभी उपजाया है। इतना बड़ा गोभी का फूल देखकर लोग काफी आश्चर्यचकित हो गए हैं। लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि इतना बड़ा गोभी का फूल आखिर कैसे तैयार हो गया। यही नहीं देश के कृषि विश्वविद्यालय और कृषि अनुसंधान केन्द्र के सभी वैज्ञानिक भी यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए। सुनील कुमार बताते हैं कि गोभी का फूल अधिकतम लगभग 2-3 किलोग्राम का होता है परन्तु इन्होंने अपने प्रयोग से 17.2 किलो का गोभी का फूल उपजाया है।

सुनील कुमार ने अपने नए प्रयोग से और जैविक खादों से खेती करके लोगों के लिए एक प्रेरणा का संचार किया है। इन्होंने रसायनिक खादों को ना अपनाकर जैविक खादों को अपनाया।

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