Friday, September 24, 2021

पुलिस की नौकरी छोड़ शुरू की आलू की खेती, 3.5 करोड़ कमा रहे हैं सालाना। सीखे तरीका

आजकल लोग सरकारी नौकरी को छोड़कर खेती की तरफ बढ़ रहे हैं। कुछ लोग खेती करने के लिए नए- नए तरीके अपनाकर खेती कर रहे हैं। जिससे उन्हें अच्छी फसल भी होती है और मुनाफा भी काफी अच्छी होती है। इन्हीं में से एक है पर्थीभाई जेठाभाई चौधरी जो आलु की खेती कर आज करोड़ों कमा रहे हैं।

Parthibhai Jethabhai Chaudhari 1

पर्थीभाई जेठाभाई चौधरी गुजरात के बनासकांढा जिले के दांतीवाड़ा के रहने वाले हैं। पर्थीभाई गुजरात पुलिस डिपार्टमेंट में ऑफिसर थे। पर्थीभाई को पुलिस की नौकरी में मन नहीं लग रहा था। तो वे इस नौकरी को छोड़कर अपने गांव वापस आ गए। और वे खेती करने के बारे में सोचे। परन्तु इन्हें खेती के बारे में कोई खास जानकारी नहीं थी। पर्थीभाई कनाडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी मकैन के साथ एग्रीकल्चर प्रोसेस ट्रेनिंग किया। ट्रेनिंग करने के बाद पर्थीभाई ने अपने गांव में आलु की खेती करना शुरू कर दिया। परन्तु गांव में पानी की काफी समस्या थी। और आलु की खेती करने के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। इस समस्या से निपटने के लिए पर्थीभाई में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम का मदद लिया। इस सिस्टम की मदद से कम पानी में सिंचाई हो जाती थी। और खाद की भी बचत होती थी। इस सिस्टम से फसल को जितना पानी की आवश्यकता होती थी उतना ही पानी सफ्लाई किया जाता था। जिससे पानी की बर्बादी नहीं होती थी। इस ड्रिप इरिगेशन सिस्टम से पर्थीभाई को काफी लाभ हुआ और पानी की समस्या से छुटकारा मिल गया। वे कम पानी में भी आलु की पैदावार अच्छी कर लेते थे।

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Parthibhai Jethabhai Chaudhari

पर्थीभाई आज 87 एकड़ में आलु की खेती कर रहे हैं। वे अक्टूबर के महीने में आलु के बीज बोते हैं। और दिसंबर तक आलु का फसल तैयार हो जाता है। पर्थीभाई एक हेक्टेयर में 1200 किलो आलू का उत्पादन करते हैं। इनके एक आलु का बजन करीब 2 किलो तक का होता है। इन्होने आलु को संग्रहित करने के लिए एक कोल्ड स्टोरेज भी बनवाए हैं। जिससे आलु खराब ना हो।

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पर्थीभाई बताते हैं कि हमें आलु की खेती करने के लिए सिर्फ 3 महीने ही काम करते हैं। और बाकी के दिन अपने परिवार के साथ आराम की जिंदगी बिताते हैं। पर्थीभाई बाकी के कामों के लिए 16 से अधिक लोग काम करने के लिए रखे हैं। जो इनके अनुपस्थिति में पुरा काम संभालते हैं। पर्थीभाई जेठाभाई सिर्फ आलु की खेती में सालाना 3.5 करोड़ का टर्नओवर कमाते हैं। पर्थीभाई को आलु की खेती इतनी अच्छी खेती करने से उन्हें पोटेटोमैन के नाम से जाना जाता है।

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