Saturday, July 31, 2021

एक छोटे से गांव के नागार्जुन बने IAS ऑफिसर, पढें इनकी सफलता की कहानी

मुश्किलें हर किसी के जीवन में होती हैं परंतु सफल वही होता हैं जो उनसे लड़ता है। हार मान लेने वालों की कभी जीत नहीं होती। आज की हमारी कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिन्होंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किये। उन्होंने मुश्किलों के सामने कभी हार नहीं मानी।

नागार्जुन बी गौड़ा ( Nagarjun B Gowda)

नागार्जुन बी गौड़ा कर्नाटक (Karnataka) के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति शुरू से ही अच्छी नहीं थी परन्तु इन्होंने कभी इससे हार नहीं मानी। स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद वह मेडिकल एंट्रेंस दिएऔर उसमें चयनित होकर एमबीबीएस की डिग्री प्रप्त किए। एक हॉस्पिटल में उन्हें रेसिडेंट का काम मिला। उसी समय इन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया और आगे चल कर 2019 बैच के आईएएस बने।

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नागार्जुन नौकरी के साथ किये यूपीएससी की तैयारी

नागार्जुन ने बिना देर किए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि इन्होंने नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी शुरू की। नौकरी की वजह से नागार्जुन ने अपनी तैयारी में कभी कोई कमी नहीं आने दी। वह बताते हैं कि 6 से 8 घंटे का समय तैयारी के लिए देना बहुत जरूरी हैं। पहले से पढ़ाई का पूरा शेड्यूल बना ले और उसके हिसाब से ही पढ़ाई करें। कौन सी किताब का कितनी बार पढ़ना या दुहराना (revision) है, यह पहले से तय कर ले ताकि समय पर टारगेट पूरे कर सकें।

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स्मार्ट स्टडी करने की देते हैं सलाह

नागार्जुन बताते हैं कि नौकरी के साथ पढ़ाई मैनेज करना बहुत ही मुश्किल है। इसलिए सब न पढ़कर स्मार्ट स्टडी करें। पिछले साल के पेपर देखें, सिलेबस देखें और उससे तय कर ले कि पढ़ना क्या हैं। नागार्जुन कहते हैं, कोचिंग करना हैं या नहीं ये हमें खुद तय करना चाहिए। वह बिना कोचिंग के ही यूपीएससी की तैयारी किए परंतु वह दूसरे कैंडिडेट को सलाह देते हुए कहते हैं कि कोचिंग लेना गलत नहीं हैं बस अपनी जरूरत के हिसाब से करे। सबसे ज्यादा सेल्फ स्टडी पर ही ध्यान देना चाहिए।

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नागार्जुन ने दी यूपीएससी की परीक्षा की जानकारी

नागार्जुन बताते हैं कि उन्हें ऑफिस में समय मिलता था तो वह उस समय को व्यर्थ करने के बजाए उस समय में पढ़ाई करते थे। नागार्जुन कहते हैं कि ज़िंदगी में हार्डवर्क और डेडिकेशन हो तो सफलता अवश्य मिलती है। पहले के अंक से यूपीएससी की तैयारी में कोई फर्क नहीं पड़ता। जरूरी नहीं की पहले या दूसरे अटेम्पट में ही सफलता मिले। हो सकता है इससे ज्यादा समय लगे पर इस बात से निराश नहीं होना चाहिए और न ही अपना कांफिडेंस लूज करना चाहिए। कड़ी मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है, इस बात पर और अपने आप पर विश्वास रखना चाहिए।

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