Wednesday, July 28, 2021

जानिए कैसे कृष्ण कुमार ने 40 रुपये महीने की कमाई से 32 करोड़ का बिजनेस-एम्पायर खड़ा किया।

जिंदगी में कुछ हासिल करने के लिए मेहनत करना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास कोई भी समस्या या परस्थिति हो और उस समस्या से लड़कर लगातार आप प्रयास करते हैं। तो सफलता जरूर मिलती है। ऐसे ही एक सख्स हैं कृष्ण कुमार। जिनके जिंदगी में काफी समस्या आई। परन्तु इस समस्या से लड़े और मेहनत और परिश्रम कर आज अपने मुकाम को हासिल किया।

जानिए कौन है कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार चेन्नई के रहने वाले हैं। जब कृष्ण कुमार 17 साल के थे तब इनके पिता की मृत्यु हो गई। और घर की पुरी जिम्मेदारी कृष्ण कुमार पर आ गई। दो वक्त की रोटी पानी करने के लिए और घर के किराया भरने के लिए इन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। कृष्ण कुमार ने एक छोटी सी नौकरी से शुरुआत की। इन्होंने बहुत सारी अलग- अलग छोटी नौकरी की। इसके बाद इन्हें एक 40 रुपए महीने वाली पार्ट- टाइम टाइपिस्ट की नौकरी मिली। लेकिन इन्हें इस नौकरी से घर का किराया और खाने के लिए प्रयाप्त नहीं था। कृष्ण कुमार ने जल्द ही इस नौकरी को छोड़ दिया। कृष्ण कुमार को कोई डिग्री नहीं होने से इन्हें अपनी जिंदगी जीने के लिए काफी समस्या सा लगने लगा। फिर इन्होंने अपने घर को चलाने के लिए एक अकाउंटेंट कि नौकरी की। और इस नौकरी के साथ- साथ एक हॉस्पिटल में पार्ट- टाइम की नौकरी भी की। इसके बाद इन्होंने चार साल तक भारतीय रेलवे में भी काम किया। और कोल्ड ड्रिंक कंपनी में भी काम किया। अंत में जाकर इन्होंने ब्लू डार्ट कंपनी में काम किया जिसकी तनख्वाह 900 रुपए थी। कृष्ण कुमार को इस कंपनी से काफी कुछ सीखने को मिला। इन्हें लोजिस्टिक बिजनेस करने का तरीका इस कंपनी से सीखने का मौका मिला।

यह भी पढ़ें: डॉक्टर चाची ने गरीब भतीजे को हॉस्पिटल में करायी UPSC की तैयारी, भतीजा बना IAS

Krishn kumar 1

अपनी मेहनत और लगन की बदौलत नौकरी के एक साल बाद ही सेल्स मैनेजर में पदोन्नति मिल गई।

कृष्ण कुमार ने ब्लू डार्ट कंपनी में काफी लगन और मेहनत से काम किया जिससे इन्हें 1990 में नौकरी के एक साल बाद ही सेल्स मैनेजर में पदोन्नति मिल गई। शादी और बच्चे होने के बाद कृष्ण कुमार की जिम्मेदारी काफी बढ़ गई। अपनी मेहनत से कमाई हुई सारी पूंजी लगाकर इन्होंने एक कंपनी खोली। लेकिन दुर्भाग्य वश कृष्ण कुमार की कंपनी हर्षद मेहता स्कैम के कारण पुरा मार्केट क्रैश हो गया। इनका बिजनेस ना चलने से कृष्ण कुमार की स्थिति और भी खराब हो गई। कृष्ण कुमार एक बार एक रेस्टोरेंट में कॉफी पीने गए थे। उस एक कप कॉफी की कीमत छः रुपए थी। लेकिन इनके पास सिर्फ पांच रुपए ही थे। कृष्ण कुमार को लगातार असफलताएं मिल रही थी। परन्तु इन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपना प्रयास जारी रखा।

Krishn kumar

अपनी सेविंग किए हुए रुपये से खुद एक कंपनी खोला।

कृष्ण कुमार ने फिर से अपने सेविंग किए हुए 8000 रुपए से एक लॉजिस्टिक कंपनी खोला। इस कंपनी का नाम एवन सॉल्यूशन एंड लोजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड रखा। जब ब्लू स्टार के एमडी ने कृष्ण कुमार और इनकी कंपनी के बारे में जाना तो ब्लू स्टार के एमडी ने कृष्ण कुमार को दो कॉन्ट्रेक्ट दिया। कृष्ण कुमार ने अपने इस कंपनी को सिर्फ चार कर्मचारी के साथ मिलकर और शून्य से स्टार्ट किया था। धीरे- धीरे इनका बिजनेस चेन्नई में चारों तरफ फैल गया। आज कृष्ण कुमार की कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी की संख्या 1000 से अधिक है। और इनका सालाना का टर्न- ओवर लगभग 32 करोड़ का है। कृष्ण कुमार का मानना है कि ऑटोमेशन और टेक्नोलॉजी के कारण उनके बिजनेस को काफी बढ़ावा मिला और प्रतिष्ठा भी। कृष्ण कुमार के पास आज चेन्नई में बहुत सारे आलीशान घर और बहुत सारी लक्जरी कारें हैं। और वे खुद बीएमडब्लू कार से घूमते हैं।

यह भी पढ़ें: एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने पर होते हैं बड़े नुकसान, जरुर जानिए 4 काम की बातें

Krishn kumar 2

सबसे लोकप्रिय